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नन्ही-सी जान
24 March 2026
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काँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था, आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया। उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था, और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है। तुझे संभालते-संभालते कब तू मेरा सहारा बन गया, शायद मुझे खुद भी पता नहीं चला। मेरे बच्चे, तुझे पालते-पोसते मैंने जाना कि मैं तो तेरे बिना अधूरी थी। तेरे आने से ही मेरी दुनिया पूरी हुई, मेरी पहचान पूरी हुई, और मेरा दिल सच में “माँ” बन पाया।
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