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नन्ही-सी जान

24 March 2026 व्यूज़: 3
काँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था,
आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया।

उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था,
और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है।

तुझे संभालते-संभालते कब तू मेरा सहारा बन गया,
शायद मुझे खुद भी पता नहीं चला।

मेरे बच्चे,
तुझे पालते-पोसते मैंने जाना कि
मैं तो तेरे बिना अधूरी थी।

तेरे आने से ही मेरी दुनिया पूरी हुई,
मेरी पहचान पूरी हुई,
और मेरा दिल सच में “माँ” बन पाया।
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