नन्ही-सी जान
काँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था, आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया। उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था, और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है। …पूरी कविता
शब्दों में छुपी भावनाओं की दुनिया
नई कविता पढ़ेंकाँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था, आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया। उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था, और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है। …पूरी कविता
सीखा है मैंने तुझसे, खुद को एक चुलबुली लड़की से एक ज़िम्मेदार माँ बनाना। सीखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ, मेरे बच्चे। तेरी एक छोटी-सी आवाज़ से मेरी नींद न जाने कहाँ खो जाती है।…पूरी कविता
माना कि तुम पसंद आए, वो इत्तफ़ाक़ हो, पर उम्र भर तुम्हारा ही पसंद रह जाना— ये इश्क़ नहीं तो और क्या है..!! हमारा मिलना एक संयोग हो सकता है, पर हमारा साथ बने रहना— ये ऊपरवाले…पूरी कविता
रातभर जागती आँखों को बधाई देगा, चाँद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा। ये मोहब्बत है, ज़रा सोच-समझ के रोना, एक आँसू भी जो गिरा तो दिखाई देगा।पूरी कविता
ग़म की अँधेरी रात में दिल को यूँ बेचैन न कर, हर रात के बाद सवेरा है, बस थोड़ी सी उम्मीद तो कर। टूटे ख़्वाबों की इस खामोशी में, ख़ुद को यूँ उदास न कर, सुबह की रौशनी आएगी ज़र…पूरी कविता
कहना था उनसे दिल का हर इक राज़, पर वो किसी और दुनिया में खो बैठे थे। चाहा था बस उनके क़रीब रहने का सुकून, पर वो मुझसे बहुत दूर जा बैठे थे। दिल ने कहा— काश एक नज़र ही मिल जाए…पूरी कविता
बात ये नहीं कि तेरे बिन जी नहीं सकते बात ये है कि तेरे बिना जीना नहीं चाहतेपूरी कविता
आपके चमकते चेहरे पर बढ़ती उम्र की लकीरें देखीं, पापा, हमने आपको बदलते देखा। आपकी सख़्त दिनचर्या को बिखरते देखा, पापा, आपके फुर्तीलेपन को शिथिल होते देखा है। पापा, हमने आपको…पूरी कविता
दिल और दिमाग की खामोश जंग, चाहत और मजबूरी की संग। लड़की और औरत की दोहरी परछाई, ज़रूरत और फ़र्ज़ की अनकही दास्तान है भाई। हर मुस्कान के पीछे छुपा सवाल, हर खामोशी में तूफ़ान…पूरी कविता