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मैंने तुझसे ज़िंदगी जीना सीखा।

24 March 2026 व्यूज़: 5
सीखा है मैंने तुझसे,
खुद को एक चुलबुली लड़की से एक ज़िम्मेदार माँ बनाना।

सीखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ, मेरे बच्चे।

तेरी एक छोटी-सी आवाज़ से मेरी नींद न जाने कहाँ खो जाती है।
तेरे दर्द को मैंने अपने दिल में महसूस किया है।

तेरी हर परेशानी पर मैं घबराई भी,
पर तेरे सामने हमेशा मज़बूत बनी रही।

तेरे आने से मैंने खुद को अपनी माँ जैसा बनते देखा।
माँ जैसी चिंता करना,
माँ जैसा ख्याल रखना,
माँ की तरह डरना और माँ की तरह बेइंतहा प्यार करना सीखा।

एक छोटी-सी नन्ही जान को धीरे-धीरे बड़ा होते देखना,
मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव है।

तेरे रोने की हर आवाज़ के अलग-अलग मायने समझना सीखा,
तेरे चेहरे को पढ़ना सीखा,
तेरी आवाज़ से तेरे दिल का दर्द पहचानना सीखा।

तू ही है जिसने मुझे मेरी माँ जैसा बनना सिखाया।

धन्यवाद मेरे बच्चे,
क्योंकि तेरे साथ मैंने हर दिन
एक नन्ही ज़िंदगी के नए-नए चमत्कार देखे हैं।

सच कहूँ तो,
तुझे बड़ा करते-करते
मैं भी हर दिन थोड़ी-थोड़ी बड़ी होती गई।

धन्यवाद मेरे बच्चे…
मैंने तुझसे ज़िंदगी जीना सीखा।
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